ऑस्ट्रेलियाई बॉलर ने बताया- क्यों सचिन थे विराट से ज्यादा खतरनाक

दुनिया के तमाम दिग्गज गेंदबाजों के लिए विराट कोहली भले ही सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ हों, लेकिन पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज माइकल कास्प्रोविच ऐसा नही मानते. यही नहीं, वो ये भी कहते हैं कि भारतीय कप्तान की तुलना सचिन से कतई नहीं की जा सकती. सचिन सबसे अलग और सबसे बेहतर हैं. उन्होंने कहा- मास्टर ब्लास्टर कहीं ज्यादा खतरनाक थे. उन्होंने ये बात hindi.news18.com से खास बातचीत में कही.

एक इंडो-ऑस्ट्रेलियन इवेंट में हिस्सा लेने राजधानी दिल्ली आए कास्प्रोविच से पूछा गया कि वे अपने करियर में किसे सबसे खतरनाक बल्लेबाज मानते हैं? तो जवाब में उन्होंने तपाक से सचिन तेंदुलकर का नाम ले लिया. ऐसा लगा जैसे वे इस सवाल के लिए पहले से ही तैयार बैठे थे. उन्होंने कहा- मैंने आजतक जिसे भी बॉलिंग की, उनमें सचिन सबसे शानदार बैट्समैन रहे. उनके इतना कॉन्फिडेंट मैंने किसी को नहीं देखा.

इसलिए सचिन हैं विराट से बेहतर
38 टेस्ट में 113 विकेट लेने वाले इस बॉलर ने विराट और सचिन की तुलना करने पर कहा कि विराट कोहली के साथ तो मैंने कभी नहीं खेला, लेकिन सचिन उनसे कहीं बेहतर हैं. सचिन को पता है कि किस बॉलर को कैसे डॉमिनेट करना है. सबसे बड़ी बात ये है कि वे जितना अच्छा भारत में खेले, वैसे ही देश के बाहर भी. निर्भीक-निडर रहे. मेरे हिसाब से सचिन की तुलना में विराट को बॉलिंग करना ज्यादा आसान होगा.

चिन के खिलाफ कास्प्रोविच का रिकॉर्ड
कास्प्रोविच ने वनडे में भारत के खिलाफ 9 मैच खेले और दो बार सचिन का विकेट लिया, जबकि टेस्ट में 9 टेस्ट की 16 पारियों में दो बार आउट किया. बता दें कि जिस वक्त माइकल ऑस्ट्रेलियाई टीम में थे, उस वक्त शेन वॉर्न, ग्लेन मैक्ग्रा और जेसन गिलेस्पी जैसे बॉलर टीम का हिस्सा रहे.

भारत में भुवी-बुमराह जैसे बॉलर होना बड़ी बात
वहीं, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के बारे में किए गए सवाल पर उन्होंने कहा- मैंने इन दोनों को ज्यादा तो नहीं देखा है, लेकिन वे बहुत बढ़ियां कर रहे हैं. ऐसे बॉलर भारत में होना बड़ी बात है. उन्होंने अपने देश की तुलना भारत से करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में तेज गेंदबाजों को बहुत ज्यादा कोचिंग दे देते हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है. शायद इसीलिए भुवनेश्वर और बुमराह ज्यादा प्रभावी साबित हो रहे हैं.

फास्ट बॉलिंग है नेचुरल टैलेंट
उन्होंने तेज गेंदबाजी के बारे में कहा कि देखिए, तेज गेंदबाज होना और तेजी (रफ्तार) से गेंद फेंकना दो अलग अलग बात होती है. कोच एक तेज गेंदबाज बना सकता है, लेकिन गेंद तेज फेंकनी नहीं सीखा सकते. ये बॉलर में नेचुरल टैलेंट होता है. बता दें कि दुनिया में सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड पाकिस्तान के शोएब अख्तर के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली हैं.

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