The Blog Time Entertainment 8 प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेताओं की अनदेखी पत्नीया

8 प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेताओं की अनदेखी पत्नीया



सोहैल खान

सके साथ हीं सोहैल फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में सफल हो वर्ष 1999 में सोहैल ने एक बार फिर से अपने भाई सलमान और अरबाज को लेकर कॉमडी फिल्म ..हैल्लो बद्रर..बनायी लेकिन इस बार वह दर्शको की पसंद पर खरे नही उतर सके।सोहैल फिल्मकार के अलावा अभिनेता बनने की भी हसरत रखते थे।इसी को लेकर वर्ष 2002 में प्रदर्शित फिल्म मैने दिल तुझको दिया से उन्होंने बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरूआत की।हालांकि यह फिल्म भी कोई खास कमाल नही दिखा सकी। इसके बाद सोहैल ने डरना मना है, लकीर, मैने प्यार क्यू किया, आर्यन, सलाम ए इश्क, गॉड तुस्सी ग्रेट हो, किसान.मै और मिसेज खन्ना और वीर समेत कई फिल्मों मं अभिनय किया लेकिन अभिनेता के तौर पर दर्शको द्वारा नही सराहे गये। वर्ष 2005 में सोहैल ने मैने प्यार क्यों किया का निर्माण किया।इस फिल्म में सलमान के साथ ही कैटरीना कैफ.सुष्मिता सेन की अहम भूमिकायें थी। इस फिल्म में सोहैल ने अभिनय भी किया था।कॉमेडी से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को बेहद पसंद आयी।इस फिल्म की सफलता के बाद सोहैल ने एक बार फिर से पार्टनर के जरिये कॉमेडी में हाथ आजमाया।पार्टनर भी टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुयी। वर्ष 2011 में प्रदर्शित फिल्म रेड्डी सोहैल के करियर की अबतक की सबसे सफल फिल्म में शुमार की जाती है।सलमान और असिन की जोड़ी वाली इस फिल्म नें टिकट खिड़की पर 100 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई की है।सोहैल की फिल्म .जय हो..वर्ष 2014 में प्रदर्शित हुई है।फिल्म ने 100 करोड रूपये से अधिक की कमाई की है। सोहैल खान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहे। उन्होंने एक हिंदू लड़की सीमा सचदेव से प्यार किया। दोनों के परिवार शादी के खिलाफ हुए तो इन्होंने भागकर शादी कर ली। सूत्रों के अनुसार, जिस दिन 1998 में आई फिल्म ”प्यार किया तो डरना क्या” रिलीज हुई थी, उसी दिन दोनों ने भागकर शादी कर ली थी। खैर, अब दोनों हैप्पी मैरिड लाइफ जी रहे हैं और उनके दो बेटे (निर्वाण और योहान) भी हैं। सोहेल की पत्नी सीमा फैशन डिजाइनर हैं।

 

 

शेखर सुमन

फ़िल्म के फ़र्स्ट लुक लॉन्च पर पत्रकारों से मुख़ातिब शेखर सुमन ने बताया कि उनकी यह फ़िल्म उनके बड़े बेटे आयुष को समर्पित है जिनकी मौत दिल की एक दुर्लभ बीमारी की वजह से हो गई थी. इस मौके पर विशेष अतिथि के रूप में उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन को भी आमंत्रित किया. शेखर सुमन ने बताया, “जब मुझे पहली बार डॉक्टरों ने बताया कि मेरे बेटे को यह बीमारी हो गई है तो मुझे एकबारगी यक़ीन नहीं हुआ. तब मैं काफ़ी युवा था. मुझे समझ में आ ही नहीं रहा था कि मैं करूं क्या. फ़िल्म के प्रमोशन पर अमिताभ बच्चन को बुलाने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “वैसे तो अमिताभ इतने बड़े और महान कलाकार हैं और हर कोई उनको बुलाना चाहता है. लेकिन मैं उन्हें इसलिए बुलाया है कि जब मुझे पता चला कि मेरे बेटे को यह बीमारी है तो मैंने अमित जी को फ़ोन किया तो उन्होंने फ़ौरन मुझे अपने घर बुलाया.” शेखर सुमन ने कहा, “हालांकि मैं अपने बेटे को बचा नहीं सका लेकिन अमित जी ने उस दौरान हमारी हर संभव मदद की.” अमिताभ बच्चन ने इस मौके पर कहा, “अपने जीवनकाल में संतान को खो देने से बड़ा दुख कोई नहीं है.” उन्होंने कहा, “मैं शेखर जी और उनके परिवार की सराहना करूंगा कि इसके बाद भी उन्होंने बड़ी हिम्मत से काम लिया और जिस आत्मबल का परिचय देते हुए उन्होंने अपने बेटे की यादों को फ़िल्म में पिरोया है वो क़ाबिले-तारीफ़ है.” मुंबई।कंगना रनोट, शाहिद कपूर और सैफ अली खान स्टारर फिल्म ‘रंगून’ का रिस्पॉन्स धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। फिल्म में कंगना के किरदार जांबाज जूलिया की काफी चर्चा रही। विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म भले ही बड़े बजट की थी, पर बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। बॉलीवुड दिग्गजों ने जहां फिल्म के प्रीमियर पर इसकी खूब तारीफें की हैं, वहीं शेखर सुमन ने सोशल मीडिया पर कंगना पर निशाना साधा है। कंगना का नाम लिए बगैर शेखर सुमन ने उन्हें ‘Cocained Girl’ कहा।

 

शरमन जोशी

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर थिएटर आर्टिस्ट की थी। वह उस दौरान साल में करीबन 550 शोज़ करते थे। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपना करियर फिल्म गॉडमदर से शुरू किया। उसके बाद वह कॉमेडी फिल्म स्टाइल और एक्सक्यूज में और शादी नम्बर 1 में नजर आएं। हालंकि इन फिल्मों से शरमन को हिंदी सिनेमा में वह मुकाम हासिल ना हो स्का जो वो चाहते थे। इसके बाद वह एक मल्टी स्टारर फिल्म रंग दे बसंती में नजर आएं। इस फिल्म में आमिर खान, सोहल अली खान, कुणाल कपूर भी दिखाई दिए थे। उसके बाद उन्होंने गोलमाल सीरीज में काम किया। जिससे उन्हें हिंदी सिनेमा में उन्हें पहचाना जाने लगा. साल 2010 में शरमन राजू हिरानी निर्देशित ब्लॉकबस्टर फिल्म 3इडियट्स में नजर अाये। यह फिल्म चेतन भगत के नॉवेल थ्री मिस्टेक्स ऑफ़ माय लाइफ पर आधारित थी। इस फिल्म में जोशी के अलावा आमिर खान, माधवन और करीना कपूर मुख्य भूमिका में नजर आई थी। इस फिल्म ने बॉक्स-ऑफिस पर रिकॉर्ड-तोड़ कमाई की थी। मुंबई.बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी 36 साल के हो गए हैं। 17 मार्च 1979 को उनका जन्म मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। वे एक मराठी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनके पिता अरविंद जोशी गुजराती थिएटर के दिग्गज कलाकार हैं। इसके अलावा उके परिवार के अन्य सदस्य भी थिएटर से जुड़े हुए हैं। खुद शरमन का भी थिएटर से काफी लगाव है। शरमन ने साल 1999 में डायरेक्टर विनय शुक्ला की आर्ट फिल्म ‘गॉड मदर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘स्टाइल’ (2001), ‘एक्सक्यूज मी’ (2003), ‘शादी नंबर वन’ (2005), ‘रंग दे बसंती’ (2006), ‘गोलमाल’ (2007), ‘3 इडियट्स’ (2009) और ‘फरारी की सवारी’ (2012) जैसी कई फिल्मों में काम किया।

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी

 

बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी इंडस्ट्री में मजबूत इरादे और अपनी मेहनत के बलबूते बॉलीवुड के अव्वल एक्टर्स में अपनी पहचान दर्ज करवाने वाले इस शानदार एक्टर हैं. नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बाबूमोशाय बंदूकबाज कल रिलीज हो रही है लेकिन इससे पहले खबर आई है कि फिल्म को ऑनलाइन लीक कर दिया गया है. किसी भी एक्टर के लिए इसे बुरा कुछ नहीं हो सकता कि इतनी मेहनत के बाद फिल्म को ऐसे लीक कर दिया जाए. जाहिर सी बात है कि इस लीक का असर फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर पड़ेगा. हालांकि पहले भी नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म मांझी-द माउंटेनमैन इंटरनेट पर लीक हो गई थी. नवाज ने साल 2010 में आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘पीपली लाइव’ में एक पत्रकार की भूमिका निभाई जिसके लिए उनके किरदार को काफी सराहा गया. सुजॉय घोष की फिल्म ‘कहानी’ के बाद नवाज दर्शकों की नजरों में आने लगे. नवाज के करियर में सबसे बड़ा बदलाव अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के साथ आया.

इरफ़ान खान

 

उनका बेटा अब स्कूल से छुट्टी होते ही बैट उठाकर चौगान स्टेडियम में पहुंच जाता। अंतत: उसका चयन सीके नायडू ट्रॉफी के लिए हो गया। कोई और परिवार होता तो इस उपलब्धि से बहुत खुश होता। आखिर इससे क्रिकेट में करियर की राह जो खुल जाती। क्या पता भारतीय क्रिकेट टीम में ही चयन हो जाता। किंतु परिवार ने उन्हें क्रिकेट में करियर बनाने की अनुमति नहीं दी। इससे इरफान का मन टूट गया। इरफ़ान को पहचान पाने के लिए किसी बड़े बैनर के साथ काम करने की कोई मजबूरी नहीं है। उनकी फ़िल्मों में उनका एक अलग ही स्टाइल होता है। उनके हाव-भाव, संवाद अदायगी और अभिनय शैली- सबकुछ साधारण होते हुए भी उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। जयपुर के टायर व्यवसायी जमींदार खान इस बात को लेकर बड़े चिंतित थे कि उनके बेटे इरफान का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। सुबह 6.30 बजे स्कूल जाना और दोपहर में 4 बजे वापस आना उसे इतना उबाऊ काम लगता, जैसे उसे बहुत बड़ी सजा दी जा रही हो। स्कूल के नाम से उसका चेहरा उतर जाता। उसने जैसे-तैसे 10वीं तक की पढ़ाई तो पूरी कर ली, लेकिन अब जमींदार खान को दूसरी चिंता सताने लगी। उनका बेटा अब स्कूल से छुट्टी होते ही बैट उठाकर चौगान स्टेडियम में पहुंच जाता। अंतत: उसका चयन सीके नायडू ट्रॉफी के लिए हो गया। कोई और परिवार होता तो इस उपलब्धि से बहुत खुश होता।

गोविंदा

 

गोविंदा की मां नजीम मुसलमान थीं. धर्म परिवर्तन करने के बाद उन्होंने अपना नाम निर्मला देवी रख लिया था. निर्मला देवी भी फिल्म अदाकारा थीं. गोविंदा अपनी मां के पैरों को रोज़ गंगाजल से धोते थे और उस पानी को पीते थे. यहां तक कि उनकी मौत के बाद भी गोविंदा ने इसे बंद नहीं किया. उन्होंने उस गंगाजल को स्टोर कर रखा था और काम पर निकलने से पहले हर सुबह वह उसे पीकर ही निकलते थे. ग्लैमर जगत में अगर हंसी-मजाक की बात हो तो सबसे पहले हरदिल अजीज अभिनेता गोविंदा का नाम ही आता है। गोविंदा जब बॉलीवुड में आए उस वक्त का दौर एक्शन और रोमांस का था। उस समय कॉमेडी के क्षेत्र में कोई ऐसा हीरो नहीं था। लेकिन आज हम आपको गोविंदा के जन्मदिन के शुभ अवसर पर बताते हैं उनकी कुछ अनजानी बातों के बारे में. गोविंदा को 90 के दौर में चीची के नाम से फेमस थे। उन्होंने अपने डांस और कॉमेडी से दर्शकों का जो मनोरंजन किया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। गोविंदा का जन्म 21 दिसंबर, 1963 को मुंबई में हुआ था। 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे गोविंदा का पारिवारिक नाम चीची है। जिसका पंजाबी में अर्थ होता है सबसे छोटी अंगुली। गोविंदा ने महाराष्ट्र के वर्तक कॉलेज से कॉमर्स विषय के साथ स्नातक की उपाधि ग्रहण की लेकिन अंगे्रजी अच्छी ना होने के कारण उन्हें कहीं भी नौकरी नहीं मिली। इसी वजह से उन्होंने फिल्मों में करने की सोची और संघर्ष करना शुरू किया। मुंबई।बॉलीवुड एक्टर गोविंदा आज अपना 50 वां जन्मदिन मना रहे हैं. गोविंदा का फ़िल्मी करियर इस समय भले ही ढलान पर हो मगर एक दौर में चीची यानी गोविंदा ने अपने डांस और कॉमेडी से दर्शकों का जो मनोरंजन किया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

इमरान हाश्मी

दमदार अभिनय और बेमिशाल डायलॉग डिलीवरी के दम इस हीरो ने वैसे तो कई फिल्में हिट करवा दी लेकिन फिर दुनिया इसे सीरियल किसर के नाम से ही जानती है। क्योंकि फिल्म मर्डर से इमरान हाशमी की छाप फैंस के दिल में ऐसी पड़ी की उनके नाम के आगे यह टैग की तरह जुड़ गया। इमरान ने बहुत कोशिश की जिससे वो इस टैग को निकाल फेंके। इसीलिए अपने अंदर कूट-कूट कर भरे टैलेंट को भी दिखा दिया। लेकिन फिर लोग तो उन्हें सीरियल किसर वाली इमेज के साथ ही देखना पसंद करते है। आज इमरान हाशमी का जन्मदिन है और इस खास मौके पर जानते हैं इमरान हाशमी की जिंदगी से जुड़ी बेहद ख़ास बातें। अभिनेता के तौर पर इमरान हाशमी को पहचान मिली साल 2004 में आई फिल्म मर्डर से। विशेष बैनर के तले बनी इस फिल्म में मल्लिका शेरावत भी नजर आई थीं। इस फिल्म की कहानी और बोल्ड सीन्स चर्चा का विषय बने। फिल्म मर्डर के बाद ही लोग इमरान हाशमी को सीरियल किसर कहकर बुलाने लगे। तो वही फिल्म निर्माताओं ने भी इमरान की इस इमेज का पूरा फ़ायदा उठाया। ठीक अगले साल यानि की साल 2005 में इमरान और तनुश्री दत्ता की फिल्म आशिक बनाया आपने रिलीज़ हुई। फिल्म का शीर्षक गीत बेहद बोल्ड था और इमरान और तनुश्री ने इस गाने म अश्लीलता की तमाम हदें पार कर दी थीं। इमरान के पिता अनवर हाशमी एक्टर रह चुके हैं और इमरान की मां माहिरा हाशमी डायरेक्टर महेश भट्ट की बहन थीं. महेश भट्ट और मुकेश भट्ट उनके मामा हैं और पूजा, आलिया, मोहित सूरी इनके भाई बहन हैं.

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